जवाब जिनका नही वो सवाल होते है;
.
जवाब जिनका नही वो सवाल होते है,
जो देखने में नही कुछ, कमाल होते है ।
.
तराश्ता हूँ तुझे जिन में अपने लफ्जों से,
बहुत हसीन मेरे वो ख्याल होते है ।
.
हसीन होती है जितनी बला की दो आँखें,
उसी बला के उन आंखों में जाल होते हैं ।
.
वह गुनगुनाते हुए, यूँही, जो उठाते है,
क़दम कहाँ, वो क़यामत की चाल होते हैं ।
.
-फ़रहत शहज़ाद
No comments:
Post a Comment