परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता;
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परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता
किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता ।
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बडे लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहां दरिया समन्दर से मिला, दरिया नहीं रहता ।
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तुम्हारा शहर तो बिल्कुल नये अंदाज़ वाला है
हमारे शहर में भी अब कोई हमसा नहीं रहता ।
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मोहब्बत एक ख़ुशबू है, हमेशा साथ चलती है
कोई इन्सान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता ।
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-डॉ बशीर बद्र

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